हर बंधन से दूर , अनजान शहर में
रूह की गहराई से , मेरे जीवन में
आता है कोई , जाता है कोई
देखता हू सब कुछ … एक ख्वाब की तरह …
हवाओ के झोको में, अजीब सी ठंडक है
रातो के उजाले में भी एक दीवानापन है
समंदर की लहरे जैसे लीपटी हो बर्फ की चादर में
जीवन की कसक को , फूलों की महक को
महसूस करता हू … एक ख्वाब की तरह …
एक ख्वाब
March 27, 2008 by Alok Kumar
बहुत उज्जवल ख्वाब हैं… काफी मीठी है… लहर है…
सुंदर्।
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..बधाई.
bahut sundar hai