नागपंचमी का दिन था ,नाग-पूजा की तैयारी जोरों से चल रही थी । मैं अपने दोस्तो के साथ बैठा हुआ था, हमलोग एक यज्ञ करने वाले थे । तभी विचार उठा की क्यों नही नाग देवता को ही ढूँढकर लाया जाये ,साक्षात नाग-देवता विद्यमान रहेंगे तो पूजा-आरती का अपना ही महत्व होगा । सबकी हाँ [...]
Archive for September, 2008
हमलोग नाग-पंचमी क्यों मनाते हैं ?
Posted in आलोक कुमार, कहानी on September 23, 2008 | 5 Comments »
हिंदी दिवस पर प्रण
Posted in कविता, भास्कर भारती on September 14, 2008 | Leave a Comment »
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !!
बंधुओं,
यह सर्वविदित हैं की बीते दिन मानवता को शर्मसार करने वाले कुकृत्य पुनः दुहराए गए….दिल्ली की गलियों में फिर किलकारियां गूंजी ,फिर कोई अनाथ हुआ ,फिर कोई दिल सुन्न हुआ होगा ..तो क्या यह सिलसिला चलता ही रहेगा …नहीं ये थमेगा और इसे रोकेंगे [...]