लहू
Posted in आश्विन श्रीवास्तव, कविता on October 2, 2007 | 1 Comment »
लहू तो आज भी निकला है
लहू तो तब भी निकला था
जब तेरी एक झलक को,
तेरे दर पे माथा पीटा था
…पर सिर से
लहू तो तब भी निकला था
जब तुझे पाने को
आँखों से नींद उडायी थी
दर-बदर की ठोकरें खायी थी
…पर पांव से
लहू तो तब [...]