पता है मंजिले , राह अनजान है
पर चलते ही रहना बस तेरी शान है ,
डगमगाते क़दमों को थाम न तू
मुश्किलों से झूझना तेरी पहचान है ,
अनजानी राहों के चेहरे तो देख
नए भी नही , न ही अनजान है,
तो कदम से मिला कदम बस देर न कर
चिर दे नभ ;
आज बादलों की सेर तू [...]
Archive for the ‘ध्रुव सोनी’ Category
आज बादलों की सेर तू कर
Posted in कविता, ध्रुव सोनी on July 24, 2009 | 3 Comments »
परमाणु संधि का मतलब ये है कि ….
Posted in ध्रुव सोनी, प्रतियोगिता, लेख on August 2, 2008 | 1 Comment »
कल हमने एक रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता रखी थी, जिसमें एक अनपढ़ नेता रामप्रसाद जी को परमाणु करार के बारे में बताना था और उनसे विश्वास मत हासिल करना था ,प्रथम वर्ष के छात्र ध्रुव सोनी का लेख कुछ इस तरह का है . परमाणु संधि का मतलब ये है कि…
सोनिया गांधी ,अपनी पूरी नेता मंडली [...]