एक ख्वाब
Posted in कविता, बिरजू on March 27, 2008 | 3 Comments »
हर बंधन से दूर , अनजान शहर में
रूह की गहराई से , मेरे जीवन में
आता है कोई , जाता है कोई
देखता हू सब कुछ … एक ख्वाब की तरह …
हवाओ के झोको में, अजीब सी ठंडक है
रातो के उजाले में भी एक दीवानापन है
समंदर की लहरे जैसे लीपटी हो बर्फ की चादर में
जीवन की कसक [...]