हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !! बंधुओं, यह सर्वविदित हैं की बीते दिन मानवता को शर्मसार करने वाले कुकृत्य पुनः दुहराए गए….दिल्ली की गलियों में फिर किलकारियां गूंजी ,फिर कोई अनाथ हुआ ,फिर कोई दिल सुन्न हुआ होगा ..तो क्या यह सिलसिला चलता ही रहेगा …नहीं ये थमेगा और इसे रोकेंगे हम सब…बस एक ज्वाला [...]
Archive for the ‘भास्कर भारती’ Category
हिंदी दिवस पर प्रण
Posted in कविता, भास्कर भारती on सितम्बर 14, 2008 | Leave a Comment »
कह गया अलविदा
Posted in कविता, भास्कर भारती on अक्टूबर 4, 2007 | 3 Comments »
मान गया भगवन तेरी अदा बड़ी निराली कहॉ था तू जब छोड़ रहा था मैं जग हरियाली किस जुबान से कहूँ अपनी बिखरी ये दास्तान बालू की रेत में मिला मेरा सपना आलीशान पल-पल देता रहा इम्तिहान कितनों की करूं मैं बखान ये जीवन प्रतीत हुआ चलचित्र समान दुःख ही तो था मेरा मित्र महान [...]