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Archive for the ‘ध्रुव सोनी’ Category

पता है मंजिले , राह अनजान है
पर चलते ही रहना बस तेरी शान है ,
डगमगाते क़दमों को थाम न तू
मुश्किलों से झूझना तेरी पहचान है ,
अनजानी राहों के चेहरे तो देख
नए भी नही , न ही अनजान है,
तो कदम से मिला कदम बस देर न कर
चिर दे नभ ;
आज बादलों की सेर तू कर |
हर मोड़ पे मुश्किलें है यहाँ राह में
जिनसे डरना नही ये तेरा काम है ,
थम ज़रा मुस्कुरा अब अपनी राह तो देख
मुश्किलें हार नही जीत का पैगाम है ,
है धरती तेरी और नभ भी तेरा
मुस्कुराते पुष्प ,लहरहा उठी है धरा,
सोच मैं जीत है सोच मैं हार है
सोचो तो पतझड़ भी सावन की बहार है ,
बदल दे आंसुओ को होठों की मुस्कान में
पसार पंख नील गगन की शीतल बयार में ,
सोच मत बस संग्राम में तू उतर
चिर दे नभ ,
आज बादलों की सेर तू कर |

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कल हमने एक रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता रखी थी, जिसमें एक अनपढ़ नेता रामप्रसाद जी को परमाणु करार के बारे में बताना था और उनसे विश्वास मत हासिल करना था ,प्रथम वर्ष के छात्र ध्रुव सोनी का लेख कुछ इस तरह का है . परमाणु संधि का मतलब ये है कि…

सोनिया गांधी ,अपनी पूरी नेता मंडली के साथ रामप्रसादजी के गाँव रामपुर पहुँच गयी . लेकिन ये क्या नेताजी तो अबतक कृषक बने हुए हैं . सोनिया ने पूरी स्थिति को समझते हुए परमाणु मुद्दे को नया ही रूप दे दिया .
सोनिया जी ने अपना प्रपत्र रामप्रसादजी को दिया और कहा कि अपनी पी.ऐ. से कहो इसे आपको समझा दे .
रामप्रसादजी : अरे लाजो ! ओ मारी भागवान !जरा भन्जे तो आ, मेम्जी कोई पत्र लिखी है म्हारे वास्ते .
श्रीमतीजी गुस्से से आग बबूला हो पढने लगी – “सीरी मन रामप्रशाद जी तुम इश देस का हालत देख के अब परमाणु संधि स्वीकोर कोर लो .”
रामप्रसादजी – ओय ये मेम्जी की हिन्दी म्हारे समझ नही आवे .
अब सोनियाजी ने राजनीति दाँव खेलते हुए एक हिन्दू कंग्रेशी नेता को कहा कि वे रामप्रसादजी को तैयार करेंगे तो उन्हें मंत्री बना देंगे. लालच देखकर हिन्दू नेता तैयार हो गया और शुरू हो गया . -” अरे रामप्रसादजी , आपको मालूम है आपका यह खेत सोने उगलने वाला है और यह छप्पर जिससे बारिश में पानी टपकता है, अब इससे हीरे-मोती बरसेंगे .”
रामप्रसादजी : “अरे तुने भांग खा ली क्या ?”
नेता :”ये सबकुछ हो जायेगा, अगर आपने परमाणु संधि पर अपना मत दे दिया .”
रामप्रसादजी : अरे ये परमाणु संधि की है ?
नेता-” परमाणु संधि का मतलब है – आम के आम, गुठलियों के दाम .”
‘परमाणु संधि में तुम्हारे गाँव के किसानों को मुफ्त में बीज, खाद, ट्रेक्टर भी बांटे जायेंगे और ये सब अमरीका से आयेंगे . अरे तुम्हारा मुन्ना अब विदेशी अनाज खाने वाला है , रामप्रसादजी बस एक बार हाँ कर दो .
परमाणु संधि के बाद तुम्हारे घर का सारा काम लाजो को नही करना पड़ेगा . काम तो नौकर करेंगे !और तुम लाजोजी के साथ अमरीका में शादी की दसवीं वर्षगाँठ मनाना .
परमाणु संधि के बाद तेरे बच्चे को अंगरेजी स्कूल में पढाया जायेगा .परमाणु संधि का मतलब है ,हर गाँव में अंगरेजी स्कूल और वो भी संस्कृत के साथ . गाँव के बड़े बूढों को भजन और गीता-पाठ पढाया जायेगा.’
‘और अगर तुमने संधि पर हाँ कर दी तो तेरी तो पाँचों उंगलियाँ घी में .’
रामप्रसादजी – वो कैसे?
नेताजी – ‘अरे भाई ,तुझे तो पता है कि तेरी पिछली पत्नी गुणवती की बेटी २५ साल की हो गयी है और अबतक कुंवारी है. तुझे अभी सबसे ज्यादा चिंता उसी की है न . तो सुन सोनिया जी का बेटा राहुल अब ३८ बर्ष का हो गया है और अबतक कुंवारा है . परमाणु संधि का मतलब है कि सोनियाजी अपने बेटे की शादी तेरी बेटी से कर देगी . दहेज़ भी नही लेगी . बस हाँ कर दे.’
-और ये सुनते ही रामप्रसादजी फूले नही समाये ,और तुंरत अपनी सहमति दे दी .

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